Sunday, December 28, 2014


बन्नो तेरी अंखियाँ सूरमेदानी

बन्नो तेरा मुखड़ा लाख का रे

बन्नो तेरा कंगन है हजारी

बन्नो तेरा झुमका लाख का रे 

बन्नो तेरी झांझर है हजारी

बन्नो तेरी मुँदरी लाख की रे

बन्नो तेरी नथनी है हजारी

बन्नो तेरा जोड़ा लाख का रे

बन्नो तेरा टीका है हजारी

बन्नो तेरा बन्ना लाख का रे

बन्नो तेरी जोड़ी है हजारी

बन्नो तेरी अंखियाँ सूरमेदानी

फूल तुम्हे भेजा है खत में।
क्या तुम्हारे काबिल है। 

आने से जिसके आये बहार। 
जाने से जिसके जाये बहार। 
बड़ी मस्तानी है मेरी मेहबूबा। 

चाँद सी महबूबा हो मेरी। 
ऐसा मेने सोचा था। 
हाँ तुम बिलकुल वैसी हो। 
जैसा मेने सोचा था।